हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, भारत मे आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली हुसैनी सीस्तानी के प्रतिनिधि और मुम्बई के इमाम जुमा हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मौलाना सय्यद अहमद अली आबिदी ने ईरान के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई की शहादत पर शोक संदेश जिसका पूरा पाठ निम्नलिखित है,
इन्ना लिल्लाहे वा इन्ना इलैहे राजेऊन
مِنَ الْمُؤْمِنِينَ رِجَالٌ صَدَقُوا مَا عَاهَدُوا اللَّهَ عَلَيْهِ ۖ فَمِنْهُمْ مَّنْ قَضَىٰ نَحْبَهُ وَمِنْهُمْ مَّنْ يَنتَظِرُ ۖ وَمَا بَدَّلُوا تَبْدِيلًا۔ मिनल मोमेनीना रेजालुन सदक़ू मा आहदुल्लाहा अलैहे, फ़मिंहुम मन क़ज़ा नहबोहू व मिंहुम मय यंतज़ेरो वमा बद्दलू तबदीला।
मोमेनीन मे ऐसे भी मैदान के मर्द है जिन्होने अल्लाह से किए वादे का सच्चा कर दिखाया है उनमे से कुछ अपना वादा पूरा कर चुके है और कुछ अपने समय की प्रतीक्षा कर रहे है और उन लोगो ने अपनी बात मे कोई परिवर्तन नही किया है।
शहादत वह मार्ग है जो आरम्भ से ही हमारे लिए निर्धारित कर दिया गया है। कुछ लोग उस मार्ग पर चल कर अपने गंतव्य को पा चुके है और कुछ प्रतीक्षा मे है।
इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली हुसैनी ख़ामेनई की दिल दहलाने वाली शहादत पर हम ईरान की जनता की सेवा मे संवेदना प्रकट करते है। यह ऐसी महान शहादत है जिसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है।
सर्वोच्च नेता एक लंबे समय तक देश और जनता के संरक्षण और ईरान की संप्रभुता के लिए प्रयास मे लगे रहे। अल्लाह तआला उनके दरजात बुलंद से बुलंदतर करे और उन्हे अहले बैत (अ) के साथ महशूर फ़रमाए।
दुशमन यह समझ ले कि यह पवित्र रक्त शहादत के पेड़ को अधिक तनावर और फ़लदार करेगा। यह आंदोलन और क्रांति कभी खामोश नही होगी। इंशाल्लाह ज़हूर ए मुंजी ए बशरीयत हज़रत वली अस्र सलवातुल्लाह अलैह का दिन ज़रूर आएगा, और दुनिया देखेगी कि अलीयुन वील युल्लाह का झंडा पूरी दुनिया मे लहराएगा। यह अल्लाह का वह वादा है जिसे कोई शक्ति परिवर्तित नही कर सकती।
वस सलामो अलैकुम वा रहमतुल्लाह वा बराकतोह
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